मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026

एक आकलन समय और समझ के साथ

एक आकलन समय और समझ के साथ 

- डॉ लाल रत्नाकर 

हम यह कैसे मान लें कि ईमानदारी और बेईमानी का शाब्दिक रद्दोबदल हो गया है कि जो बेईमान है वह ईमानदार है और ईमानदार बेईमान। इसके उदाहरण हमारी और आपकी जेहन में है लेकिन दोनों चाहते हैं की यथास्थिति बानी रहे और दूसरा सच कर दे या सच के लिए लडे । 


हरियाणा,मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र , बिहार और बंगाल में जो कुछ हुआ इसी दोहरी मानसिकता का परिणाम है जिनको लड़ना था उन्हें पता ही नहीं की किससे लड़ना है और कैसे लड़ना है ? कमोबेश यही हालात उत्तर प्रदेश के भी हैं , जबकि दिल्ली में यही लड़ाई चल रही है जिसे लड़ता हुआ कौन दिख रहा है उसे बताने की जरुरत नहीं है ? उत्तर प्रदेश का विपक्ष समाजवादी पार्टी है उसका कौन सा फ्रंट इस लड़ाई को देख रहा है ? अगर कोई देख रहा है तो दीखता क्यों नहीं है ? ममता की याद करके सिहरन पैदा होइ है वह तो बंगाल के लिए सुप्रीम कोर्ट में भी कड़ी थीं, यहीं पर नेता जी की याद आती है उनके साथ या पास कम्युनिस्ट पार्टी के मज़बूत नेता साथ थे जो ईमानदार और सामजिक न्याय के प्रति सजग भी थे और उस समय आयोग और न्यायालयों में इतनी जड़ता भी नहीं थी जीतनी आज साफ़ साफ़ नज़र आ रही है। 

उतर प्रदेश की विपक्ष की पार्टी के पास दिल्ली स्थित कार्यालय है और काफी सांसद भी हैं, जिनको इस इस मुद्दे पर लड़ता हुआ कोई देख रहा है, कई तेज़ तर्रार महिला सांसद भी हैं उनकी क्या भूमिका है ? सैफई के बहुतेरे यादव सांसद भी हैं ! आमतौर पर बहस करते हुए यह सवाल खड़े होते हैं की उत्तर प्रदेश में सपा अगली सरकार बनाने जा रही है ? क्या यह सवाल सवाल आपके मन में भी आता है तो उत्तर कौन देगा पता नहीं ? पर जब सोसल मीडिआ की रिपोर्ट आती है तो ऐसा लगता है की उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी देश में लड़ती हुयी नज़र क्यों नहीं आ रही है। कोई चेहरा जो राष्ट्रीय अध्यक्ष से अलहदा हो दिखाई नहीं देता है ? मोहल्ले में तो अलग ही अवधारणा बनी हुयी है यादव, मुस्लिम, गुंडा, माफिआ और न जाने क्या क्या ? जबकि सपा प्रमुख इतने शालीन और सरल व्यक्ति हैं जिसका कोई जवाब नहीं पर शहरी और कथित सवर्ण सोच के बणिआ बामणों में उनकी छवि बदल क्यों नहीं रही है ?

आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के चुनाव होने हैं अभी से अफरा तफरी मची हुयी है इस अफरा तफरी में नियंत्रण की कमान किसके पास है क्या किसी को पता है यदि नहीं तो लड़ेंगे कैसे और किससे ?